Thursday, 16 August 2018

Remebrance of Bharat Ratna Atal Bihari Vajpayee

मौत खड़ी थी उनके सर, इसी इंतजार में
की कब ले जाएं उनकी साँसे, अपने हिंदुस्तान से
*कह दिए लेकिन वो भी*
ना झूकेगा ध्वज मेरे वतन का
15 अगस्त के अवसर पर,
तू ठहर इंतजार कर ,
लहराने दे बुलंद इसे, मैं एक दिन और लड़ूंगा
मौत तेरे आलम से|

मंजूर नही था कभी उन्हें
झुके तिंरगा स्वतंत्रता के अवसर पर। 🙏🏼🙏🏼